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Tuesday, 10 November 2015
Sayri lambi
Top 10 Hindi Shayari Collection 2015
तेरे लिए तो हूँ मैं बस वक़्त का एक बुलबुला,
जितना जीना था जी लिया, लो अब मैं चला |
तुझे याद करता हूँ तो बढ़ जाती है तकलीफ़ें,
ऐ ज़िन्दगी तू यहीं ठहर, लो अब मैं चला |
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दस्तूर के लिखें पर टिकना, मुनासिब नहीं दोस्तों..
ये अक्सर मौके कम.. और धौके ज़्यादा देता है।
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तुम बताओ तो मुझे किस बात की सजा देते हो।
मंदिर में आरती और महफ़िल में शमां कहते हो।
मेरी किस्मत में भी क्या है लोगो जरा देख लो,
तुम या तो मुझे बुझा देते हो या फिर जला देते हो
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अब तो ख़ुशी का ग़म है न ग़म की ख़ुशी मुझे
बे-हिस बना चुकी है बहुत ज़िंदगी मुझे
वो वक़्त भी ख़ुदा न दिखाए कभी मुझे
उन की नदामतों पे हो शर्मिंदगी मुझे
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हमारा ज़िक्र भी अब जुर्म हो गया है वहाँ
दिनों की बात है महफ़िल की आबरू हम थे
ख़याल था कि ये पथराव रोक दें चल कर
जो होश आया तो देखा लहू लहू हम थे ||
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वो बेवफा हमारा इम्तेहा क्या लेगी…
मिलेगी नज़रो से नज़रे तो अपनी नज़रे ज़ुका लेगी…
उसे मेरी कबर पर दीया मत जलाने देना…
वो नादान है यारो… अपना हाथ जला लेगी.
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मैं रो के आह करूँगा जहाँ रहे न रहे
ज़मीं रहे न रहे आसमाँ रहे न रहे
रहे वो जान-ए-जहाँ ये जहाँ रहे न रहे
मकीं की ख़ैर हो या रब मकाँ रहे न रहे
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अपने घर की इज्ज़त सब को प्यारी लगती है
गैरों की बहन बेटी क्यों अबला नारी लगती है,
दुसरो की बहन बेटी को छेड़ने में बड़ा मजा आता है
खुद की बहन बेटी को कोई देखे तो मिर्ची क्यों लगती है,
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छू ले आसमान ज़मीन की तलाश ना कर,
जी ले ज़िंदगी खुशी की तलाश ना कर,
तकदीर बदल जाएगी खुद ही मेरे दोस्त,
मुस्कुराना सीख ले वजह की तलाश ना कर
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उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता है!
जिसे चाहो वही अपने से दूर होता है!
दिल टूटकर बिखरता है इस कदर!
जैसे कोई कांच का खिलौना चूर-चूर होता है!
Saturday, 31 October 2015
Sayri
कितना दर्द है दिल में दिखाया नहीं जाता,
गंभीर है किस्सा सुनाया नहीं जाता,
एक बार जी भर के देख लो इस चहेरे को,
क्योंकि बार-बार कफ़न उठाया नहीं जाता|
Sayri
इंसानों के कंधे पर इंसान जा रहे हैं,
कफ़न में लिपट कर कुछ अरमान जा रहे हैं,
जिन्हें मिली मोहब्बत में बेवफ़ाई,
वफ़ा की तलाश में वो कब्रिस्तान जा रहे हैं।
Thursday, 29 October 2015
Sayri
तेरी धड़कन ही ज़िंदगी का किस्सा है मेरा,
तू ज़िंदगी का एक अहम् हिस्सा है मेरा..
मेरी मोहब्बत तुझसे, सिर्फ़ लफ्जों की नहीं है,
तेरी रूह से रूह तक का रिश्ता है मेरा..!!
Monday, 26 October 2015
Sayri
रूठ भी जाए जमाना हमसे अगर
गम ना होगा हमें कोई इस बात का,
मगर खफा हो गये आप जो हमसे तो,
सफ़र आख़िरी होगा आज हमारी मोहब्बत का.
Sayri
रूठ भी जाए जमाना हमसे अगर
गम ना होगा हमें कोई इस बात का,
मगर खफा हो गये आप जो हमसे तो,
सफ़र आख़िरी होगा आज हमारी मोहब्बत का.
Sayri
जब प्यार किसी से होता है
हर दर्द दवा बन जाता है
क्या चीज मुहब्बत होती है
एक शख्स खुदा बन जाता है
Sayri
पैगाम तो एक बहाना था
इरादा तो आपको याद दिलाना था
आप याद करे या ना करे कोई बात नही
पर आपकी याद आती है
बस इतना ही हमने आपको बताना था
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