Showing posts with label sayri. Show all posts
Showing posts with label sayri. Show all posts

Tuesday, 10 November 2015

Sayri lambi

Top 10 Hindi Shayari Collection 2015 तेरे लिए तो हूँ मैं बस वक़्त का एक बुलबुला, जितना जीना था जी लिया, लो अब मैं चला | तुझे याद करता हूँ तो बढ़ जाती है तकलीफ़ें, ऐ ज़िन्दगी तू यहीं ठहर, लो अब मैं चला | _____________________________________ दस्तूर के लिखें पर टिकना, मुनासिब नहीं दोस्तों.. ये अक्सर मौके कम.. और धौके ज़्यादा देता है। _____________________________________ तुम बताओ तो मुझे किस बात की सजा देते हो। मंदिर में आरती और महफ़िल में शमां कहते हो। मेरी किस्मत में भी क्या है लोगो जरा देख लो, तुम या तो मुझे बुझा देते हो या फिर जला देते हो _____________________________________ अब तो ख़ुशी का ग़म है न ग़म की ख़ुशी मुझे बे-हिस बना चुकी है बहुत ज़िंदगी मुझे वो वक़्त भी ख़ुदा न दिखाए कभी मुझे उन की नदामतों पे हो शर्मिंदगी मुझे _____________________________________ हमारा ज़िक्र भी अब जुर्म हो गया है वहाँ दिनों की बात है महफ़िल की आबरू हम थे ख़याल था कि ये पथराव रोक दें चल कर जो होश आया तो देखा लहू लहू हम थे || _____________________________________ वो बेवफा हमारा इम्तेहा क्या लेगी… मिलेगी नज़रो से नज़रे तो अपनी नज़रे ज़ुका लेगी… उसे मेरी कबर पर दीया मत जलाने देना… वो नादान है यारो… अपना हाथ जला लेगी. ______________________________________ मैं रो के आह करूँगा जहाँ रहे न रहे ज़मीं रहे न रहे आसमाँ रहे न रहे रहे वो जान-ए-जहाँ ये जहाँ रहे न रहे मकीं की ख़ैर हो या रब मकाँ रहे न रहे ______________________________________ अपने घर की इज्ज़त सब को प्यारी लगती है गैरों की बहन बेटी क्यों अबला नारी लगती है, दुसरो की बहन बेटी को छेड़ने में बड़ा मजा आता है खुद की बहन बेटी को कोई देखे तो मिर्ची क्यों लगती है, ______________________________________ छू ले आसमान ज़मीन की तलाश ना कर, जी ले ज़िंदगी खुशी की तलाश ना कर, तकदीर बदल जाएगी खुद ही मेरे दोस्त, मुस्कुराना सीख ले वजह की तलाश ना कर _______________________________________ उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता है! जिसे चाहो वही अपने से दूर होता है! दिल टूटकर बिखरता है इस कदर! जैसे कोई कांच का खिलौना चूर-चूर होता है!

Saturday, 31 October 2015

Sayri

कितना दर्द है दिल में दिखाया नहीं जाता, गंभीर है किस्सा सुनाया नहीं जाता, एक बार जी भर के देख लो इस चहेरे को, क्योंकि बार-बार कफ़न उठाया नहीं जाता|

Sayri

इंसानों के कंधे पर इंसान जा रहे हैं, कफ़न में लिपट कर कुछ अरमान जा रहे हैं, जिन्हें मिली मोहब्बत में बेवफ़ाई, वफ़ा की तलाश में वो कब्रिस्तान जा रहे हैं।

Thursday, 29 October 2015

Sayri

तेरी धड़कन ही ज़िंदगी का किस्सा है मेरा, तू ज़िंदगी का एक अहम् हिस्सा है मेरा.. मेरी मोहब्बत तुझसे, सिर्फ़ लफ्जों की नहीं है, तेरी रूह से रूह तक का रिश्ता है मेरा..!!

Monday, 26 October 2015

Sayri

रूठ भी जाए जमाना हमसे अगर गम ना होगा हमें कोई इस बात का, मगर खफा हो गये आप जो हमसे तो, सफ़र आख़िरी होगा आज हमारी मोहब्बत का.

Sayri

रूठ भी जाए जमाना हमसे अगर गम ना होगा हमें कोई इस बात का, मगर खफा हो गये आप जो हमसे तो, सफ़र आख़िरी होगा आज हमारी मोहब्बत का.

Sayri

जब प्यार किसी से होता है हर दर्द दवा बन जाता है क्या चीज मुहब्बत होती है एक शख्स खुदा बन जाता है

Sayri

पैगाम तो एक बहाना था इरादा तो आपको याद दिलाना था आप याद करे या ना करे कोई बात नही पर आपकी याद आती है बस इतना ही हमने आपको बताना था